सुप्रीम कोर्ट का मेट्रो आदेश पर कंटेम्प नोटिस, संवैधानिक संकट?
सुप्रीम कोर्ट ने मेट्रो की सर्विस और ट्रैफिक पर उसके आदेश को न मानने पर कंटेम्प का नोटिस दिया है. याचिका में गृह सचिव, दिल्ली पुलिस कमिश्नर, DMRC चेयरमैन को पार्टी बनाया गया. ये सिर्फ कोर्ट के आदेश की अवमानना है या संवैधानिक संकट? केंद्र सरकार ही कोर्ट का आदेश न माने तो संविधान कैसे चलेगा.
